MASALA NEWS

MASALA NEWS

Hot

Post Top Ad

Post Top Ad

Sunday, 21 January 2018

इस Porn Star के साथ ऐसी कौन सी फ़िल्म रहे हैं राम गोपाल वर्मा, Bold पोस्टर हुआ Viral

January 21, 2018 0
इस Porn Star के साथ ऐसी कौन सी फ़िल्म रहे हैं राम गोपाल वर्मा, Bold पोस्टर हुआ Viral


नई दिल्ली: रामगोपाल वर्मा ने एक बार फिर बोल्डनेस भरा धमाका कर दिया है. उन्होंने अपनी अगली फिल्म 'गॉड, सेक्स ऐंड ट्रुथ (God, Sex and Truth)' का फर्स्ट लुक रिलीज कर दिया है. फिल्म का पोस्टर बेहद ही बोल्ड है और उन्होंने इसे सोशल मीडिया साइट्स पर डाल दिया है. उन्होंने फिल्म में पॉपुलर पोर्न स्टार मिया मिल्कोवा को मौका दिया है. पोस्टर में मिया बेहद बोल्ड अंदाज में नजर आ रही हैं. राम गोपाल वर्मा ने ट्वीट करके मिया के साथ काम करने का अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है.


राम गोपाल वर्मा ने अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा हैः 'हे मिया, गॉड, सेक्स ऐंड ट्रुथ करना बहुत ही दिमाग लगाने वाला और शानदार एक्सपीरियंस था...मैंने कभी भी सनी लियोन के साथ शूट नहीं किया है लेकिन 'गॉड, सेक्स ऐंड ट्रुथ' के दौरान हुए एक्सपीरियंस को मैं कभी नहीं भुला पाऊंगा.'



मिया मिल्कोवा ने भी अपने ट्विटर एकाउंट पर फिल्म के शूट के बारे में जानकारी दी है. मिया ने ट्वीट किया हैः भारतीय फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने मेरे साथ यूरोप में 'गॉड, सेक्स ऐंड ट्रुथ' नाम से वीडियो शूट किया है. सनी लियोन के बाद में दूसरी एडल्ट स्टार हूं जिसने किसी भारतीय फीचर फिल्म मेकर के साथ काम किया है.

इस फिल्म का ट्रेलर 16 जनवरी को लॉन्च किया जाएगा और इसे लेकर जबरदस्त हाइप क्रिएट हो चुकी है. रामगोपाल वर्मा  एडल्ट कंटेंट के साथ दूसरी बार आ रहे हैं. उनकी वेब सीरीज 'गन्स ऐंड थाईस' भी अपने बोल्ड कंटेंट की वजह से काफी वायरल हुई थी
Read More

Wednesday, 15 November 2017

37 साल से सत्ता में बैठे जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति मुगावे नजरबंद, सेना का कब्जा

November 15, 2017 0

37 साल से सत्ता में बैठे जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति मुगावे नजरबंद, सेना का कब्जा






जिम्बाब्वे की सेना ने बुधवार को देश पर नियंत्रण स्थापित कर लिया, हालांकि सेना के शीर्ष अधिकारियों ने तख्तापलट से इनकार किया है. दूसरी तरफ, राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने कहा कि वह नजरबंद हैं. सत्ता पर मुगाबे की दशकों पुरानी पकड़ छूटती दिख रही है. सेना की गाड़ियों ने हरारे में संसद के बाहर की सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने रात के समय नेशनल टेलीविजन पर देश को संबोधित किया.

मेजर जनरल सिबुसिसो मोयो ने कहा, ‘‘हम राष्ट्र को यह आश्वासन देना चाहते हैं कि राष्ट्रपति और उनका परिवार सही सलामत है और उनकी सुरक्षा की गारंटी है.’’ जनरल ने कहा, ‘‘हम केवल उनके आस-पास उन अपराधियों को निशाना बना रहे हैं, जो अपराध कर रहे हैं... हम उम्मीद करते हैं कि जैसे ही हमारा अभियान पूरा होगा, हालात पुन: सामान्य हो जाएंगे.’’ मोयो ने कहा, ‘‘यह सैन्य तख्तापलट नहीं है.’’ लेकिन जनरलों के इन कदमों ने साल 1980 में ब्रिटेन से आजादी के बाद से जिम्बाब्वे में सत्ता पर काबिज मुगाबे के समक्ष बड़ी चुनौती पैदा कर दी है.

दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा ने बुधवार को कहा कि मुगाबे अपने देश में नजरबंद हैं. दक्षिण अफ्रीकी सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रपति जुमा ने आज राष्ट्रपति मुगाबे से बात की. मुगाबे ने संकेत दिया कि उन्हें उनके मकान में रोककर रखा गया है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह ठीक हैं.’’ मुगाबे के शासन की लंबे समय से समर्थक रही सेना और 93 साल के नेता मुगाबे के बीच तनाव हालिया दिनों में सार्वजनिक हो गया.

सेना प्रमुख जनरल कांन्सटैनटिनो चिवेंगा ने उपराष्ट्रपति एमरसन मनांगाग्वा को बर्खास्त किए जाने की निंदा की थी जिसके बाद सत्तारूढ़ जेडएएनयू-पीएफ पार्टी ने चिवेंगा पर राजद्रोह संबंधी आचरण का मंगलवार को आरोप लगाया था. मनांगाग्वा की बर्खास्तगी के बाद मुगाबे की पत्नी ग्रेस (52) अगले राष्ट्रपति के तौर पर अपने पति की उत्तराधिकारी बनने की प्रबल दावेदार बन गई हैं. सेना में वरिष्ठ रैंक के अधिकारियों ने राष्ट्रपति पद के लिए ग्रेस की दावेदारी का कड़ा विरोध किया है.

मुगाबे के निजी आवास के बाहर लंबे समय तक गोलीबारी की आवाज सुनी गई और रात में हालात खराब हो गए. हालात खराब होने के मद्देनजर हरारे में अमेरिकी दूतावास ने देश में मौजूद अपने नागरिकों को चेताया है कि जारी राजनीतिक अस्थिरता के कारण वे सुरक्षित जगहों पर रहें.’’ मुगाबे दुनिया के सबसे उम्रदराज राष्ट्राध्यक्ष हैं लेकिन उनके खराब होते स्वास्थ्य ने उनके उत्तराधिकार की लड़ाई शुरू कर दी है.
Read More

प्रद्युम्न केस: ‘CBI जांच को ना’ कहकर विवादों में फंसे हरियाणा के मंत्री नरबीर सिंह

November 15, 2017 0

प्रद्युम्न केस: ‘CBI जांच को ना’ कहकर विवादों में फंसे हरियाणा के मंत्री नरबीर सिंह



गुरुग्राम के प्रद्युम्न ठाकुर मर्डर केस में हरियाणा के मंत्री नरबीर सिंह विवाद में फंस गये हैं. प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने दावा किया है कि हरियाणा के मंत्री राव नरबीर सिंह ने मेरे बेटे के मर्डर केस की जांच सीबीआई से न कराने की बात कही थी.

इस मामले में जांच शुरु करने के बाद से सीबीआई नए-नए खुलासे कर रही है. वहीं अब प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर की तरफ से राव नरबीर सिंह का नाम लिए जाने के बाद हरियाणा की राजनीति में हडकंप मचा दिया है. वरुण ठाकुर ने कहा, ‘’दो लोगों ने सीबीआई जांच कराने से मना किया था. इनमें एक तो नरबीर सिंह जी थे और दूसरे का मुझे पता नहीं है.’’

वरुण ठाकुर ने कहा है, ‘’राव नरबीर सिंह ने साफ तौर पर कहा था कि आप जो सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, हम सीबीआई जांच की सिफारिश कर देंगे, लेकिन सीबीआई केस उठाती नहीं है. आपका केस छह महीने-साल भर वहीं पड़ा रहेगा और उसके बाद मान लीजिए सीबीआई जांच करती है और उसकी भी वही थ्योरी आती है जो पुलिस की निकली है तो फिर आप क्या करेंगे?’’

आपको बता दें कि नौ सितंबर को गुरुग्राम पहुंचे राव नरबीर ने प्रद्युम्न की हत्या की सीबीआई जांच को लेकर एक बयान दिया था. उनके इस बयान के बाद उनकी काफी किरकिरी हुई थी. तब उन्होंने कहा था, ‘’बहुत से लोगों ने मांग की कि सीबीआई की जांच होनी चाहिए. हर केस की सीबीआई से जांच कराने की मांग का चलन शुरु हो गया है.’’

आपको बता दें कि नरबीर सिंह हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं. उनके मुताबिक वो खुद तीन बार प्रद्युम्न के घर गये थे, लेकिन उन्होंने सीबीआई जांच में रुकावट नहीं खड़ी की. उन्होंने कहा, ‘’मैंने सिर्फ इतना कहा था कि कोई भी सरकार घटना के दिन सीबीआई जांच के लिए नहीं कह सकती.’’

क्या है पूरा केस?

बता दें कि इसी साल 8 सितंबर को प्रद्युम्न ठाकुर का मर्डर हुआ था. इस हत्या के बाद पुलिस ने स्कूल के कंडक्टर को पकड़ा था और कैमरे के सामने कंडक्टर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था. लेकिन बाद में इस केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई, लेकिन सीबीआई की जांच में कंडक्टर के खिलाफ सबूत नहीं मिले और सीबीआई ने प्रद्युम्न की हत्या में इसी स्कूल के 11वीं के छात्र को गिरफ्तार किया था.
Read More

जिग्नेश नहीं थामेंगे कांग्रेस का 'हाथ', कहा- बीजेपी को हराना है

November 15, 2017 0

जिग्नेश नहीं थामेंगे कांग्रेस का 'हाथ', कहा- बीजेपी को हराना है



गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान होने वाली सभाओं में कांग्रेस सहित किसी भी पार्टी के साथ मंच साझा करने से साफ इंकार किया. हालांकि बुधवार को उन्होंने कहा कि इस चुनावों में बीजेपी को हराना ही उनका मुख्य लक्ष्य है. पाटीदारों को आरक्षण दिये जाने के फार्मूले के बारे में उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोलते हुए कहा कि इस बारे में संविधान विशेषज्ञों और राजनीतिक दलों को तय करना है.

जिग्नेश ने कहा, ‘‘इस बार गुजरात विधानसभा का चुनाव बेहद ऐतिहासिक और निर्णायक साबित होने जा रहा है. प्रगतिशील और लोकतांत्रिक ताकतों को साथ आकर इस चुनाव में बीजेपी को उसी के मैदान में हराना है.’’ उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव में बीजेपी को हराने के बाद ही 2019 में बीजेपी को सत्ता से बाहर रखा जा सकता है.

दलित नेता ने कहा कि बीजेपी जिस गुजरात मॉडल और ‘‘वाइब्रेंट गुजरात’’ की चर्चा करती है, वहां 25 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं, 50 प्रतिशत आदिवासी क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है और 50 हजार दलित मैला उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि विकास के मुद्दे पर वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ किसी भी जगह और किसी भी समय बहस करने के लिए तैयार हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या वह कांग्रेस से हाथ मिलायेंगे या कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच साझा करेंगे, जिग्नेश ने कहा, ‘‘हम किसी भी राजनीतिक दल के साथ मंच साझा नहीं करेंगे. भले ही वह कांग्रेस ही क्यों न हो.’’ उन्होंने कहा कि आगामी छह दिसंबर को बाबा साहेब अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर अहमदाबाद में वह एक सभा करेंगे जिसमें दलित, पाटीदार और दूसरे वर्ग के नेता भाग लेंगे.

गुजरात में पाटीदारों को आरक्षण दिये जाने के फार्मूले के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं देते हुए कहा, ‘‘इस बारे में तो संविधान विशेषज्ञ और राजनीतिक दलों को तय करना है.’’ पटेलों को आरक्षण दिलाने की मांग कर रहे पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल की एक विवादास्पद सीडी के बारे में पूछने पर जिग्नेश ने कहा, ‘‘बीजेपी बुरी तरह से हताश और बौखला गयी है. यदि कोई दो वयस्क व्यक्ति आपसी सहमति से यौन संबंध बनाते हैं तो किसी भी व्यक्ति को उनके बेडरूम में घुसकर सीडी बनाने का अधिकार नहीं है. इस प्रकरण में उस महिला पर क्या बीती होगी, यह भी विचार करने वाली बात है.’’

जिग्नेश मेवाणी ने दावा किया कि गुजरात विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए नाक का सवाल बन गया है और वह किसी भी तरह से इस चुनाव को जीतना चाहती है . इसीलिए वह सभी तरह के हथकण्डे अपना रही है . उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी 80 से अधिक सीट हासिल नहीं कर पायेगी.
Read More

यूपी के बरेली में भूख से तड़प-तड़प कर महिला की मौत, घर में नहीं था राशन

November 15, 2017 0

यूपी के बरेली में भूख से तड़प-तड़प कर महिला की मौत, घर में नहीं था राशन


उत्तर प्रदेश के बरेली में फतेहंगज इलाके में आज भूख से एक महिला की मौत का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि महिला के घर में खाने के लिए राशन नहीं था. महिला को कई दिनों से खाना नहीं मिला था जिसके बाद वह बीमार हो गई थी और आज उसकी मौत हो गई.

मृतका सकीना के पति इशहाक के मुताबिक,  वह राशन के लिए काफी समय से कोटेदार के पास चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उसने कहा कि जब तक बायोमीट्रिक मशीन पर सकीना के फिंगर प्रिंट नहीं आएंगे तब तक वह राशन नहीं देगा. लेकिन सकीना बीमार होने की वजह से राशन की दुकान पर नहीं जा पाई.

बताया जा रहा है कि इशहाक के घर की स्थिति बिलकुल ठीक नहीं है. वह अपनी पत्नी सकीना के साथ रहता था. लेकिन कुछ दिन पहले वह भी काफी बीमार था, इसलिए घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई. वह इलाके में एक झोपड़ी में रहता है.

बता दें कि पिछले दिनों झारखंड में भी एक 11 साल की बच्ची ने भूख से तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया था. बच्ची की मां कोयली देवी का कहना था कि आधार से राशन कार्ड लिंक न होने के कारण उन्हें राशन नहीं मिला और उनकी बेटी की भूख से मर गई. कोयली देवी की कमाई हफ्ते में 80 रूपए की है जो वो दातून बेच कर कमाती हैं.


Read More

प्रदूषण का तोड़: 2020 से नहीं, दिल्ली में अगले साल अप्रैल से ही बिकेंगे बीएस-6 किस्म के ईंधन

November 15, 2017 0

प्रदूषण का तोड़: 2020 से नहीं, दिल्ली में अगले साल अप्रैल से ही बिकेंगे बीएस-6 किस्म के ईंधन





राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की बढ़ती समस्या के मद्देनजर केंद्र सरकार ने वाहनों के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले बीएस-6 किस्म के ईंधन को समय से पहले ही बेचना जरुरी करने का फैसला किया है. बीएस यानी भारत स्टेज ईंधन की गुणवत्ता और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को लेकर कायदे-कानून का पैमाना है.

2020 से बेचे जाने थे बीएस-6 किस्म के ईंधन

तेल मंत्रालय की ओऱ से जारी एक बयान के मुताबिक, बीएस-6 किस्म के ईंधन को पहले पहली अप्रैल 2020 से बेचा जाना शुरु करना था. लेकिन दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर अब ये तय हुआ है कि दिल्ली में अगले साल पहली अप्रैल से बीएस-6 किस्म के ही ईंधन बिकने शुरु हो जाएंगे.

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण में आएगी कमी

साथ ही मंत्रालय ने सभी तेल कंपनियों से इस बात की संभावना तलासने को कहा है कि क्या पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर – दिल्ली औऱ उससे सटे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाके) में पहली अप्रैल 2019 से बीएस-6 किस्म के वाहन ईंधन बेचना संभव है या नहीं. सरकार का मानना है कि ईंधऩ की बेहतर गुणवत्ता से राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाके में प्रदूषण के स्तर में कमी लाना संभव हो पाएगा.

बीएस-4 किस्म के वाहन ईंधन की बिक्री इसी वर्ष पहली अप्रैल से पूरे देश में शुरु की गयी. इसके पीछे मकसद वाहनों के लिए स्वच्छ ईंधन मुहैया कराना है. सरकार का दावा है कि इससे प्रदूषण के स्तर में कमी लाने में मदद मिलेगी. इन्ही सब लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तय किया कि बीएस-4 से सीधे बीएस-6 किस्म के ईंधन बेचने का काम पूरे देश में पहली अप्रैल 2020 से शुरु किया जाएगा. मंत्रालय का कहना है कि तेल कंपनियां बीएस-6 किस्म के ईंधन मुहैया कराने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं.

मौजूदा वाहनों का क्या होगा?

देश में बीएस-4 मानक वाले इंजन के साथ गाड़ियों का बिकना शुरु हो चुका है. कार कंपनियों का कहना है कि अगर आपके पास बीएस-4 मानक वाले इंजन लगी गाड़ी आपके पास है तो आपको चिंता करने की जरुरत नहीं. इसमें बीएस-6 किस्म के ईंधऩ का इस्तेमाल बिना किसी परेशानी के किया जा सकता है. दूसरे शब्दों में कहें तो आपको इंजन वगैरह बदलवाने की जरुरत नहीं होगी.

दूसरी ओर ये पहले ही तय हो चुका है पहली अप्रैल 2020 से बीएस-6 मानक वाले इंजन के साथ ही गाड़ियां बिकेंगी. कंपनियों की मानें तो बीएस-6 मानक वाले इंजन के साथ की गाड़ियों की कीमत मौजूदा गाड़ियों के मुकाबले 15 से 30 हजार रुपये ज्यादा हो सकती है. कंपनियो की मानें तो ये अंतर स्वाभाविक है, क्योंकि अगर बेहतर गुणवत्ता वाले इंजन गाड़ियां में लगायी जाए तो उनकी कीमत में कुछ इजाफा तो होगा है.

इस बीच, कार कंपनियों को अब इंतजार इस बात का है कि पूरे देश भर में बीएस-6 किस्म के इंजन को शुरु करने का टाइम टेबल क्या है, मतलब, कब-कब किस शहर में इसे लागू किया जाएगा.
Read More

Post Top Ad

Your Ad Spot